Kiratarjuniya Maha Kavyam 1-2 Sarg (किरातार्जुनीयमहाकाव्यम् प्रथम-द्वितीय सर्गात्मकम्)
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Acharya Narmdeshwar Kumar Tripathi - Sanskrit & Hindi
Kiratarjuniya Maha Kavyam 1-2 Sarg (किरातार्जुनीयमहाकाव्यम् प्रथम-द्वितीय सर्गात्मकम्)
किरातार्जुनीयमहाकाव्यम् प्रथम-द्वितीय सर्गात्मकम् (Kiratarjuniya Maha Kavyam 1-2 Sarg) किरातार्जुनीयमभिधेयम् अष्टादशसर्गाणाम्महाकाव्यम्। अस्मिन्निन्द्रकीलपर्वते तपश्चरणसमयेऽर्जुनेन सह किरातवेषधारिणः शिवस्य युद्धस्य महाभारतीया कथोपनिबद्धा। अतोऽस्य नाम किरातार्जुनीयमिति। महाकाव्यलक्षणनिकषोपले घर्षणं प्राप्य नूनमिदं काव्यं सुवर्णाभिख्यां लभते। अर्जुनो मध्यमः पाण्डवोऽत्र धीरोदात्तनायकत्वेनोपवर्णितः। वीररसच्छटा-दीप्तमिदं काव्यमन्यांन् रसानपि न जहाति।
Author : Acharya Narmdeshwar Kumar Tripathi
Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan
Language : Sanskrit & Hindi
Edition : 3rd 2013
Pages : 124
Cover : Paper Back
ISBN : -
Size : 12 x 1 x 18 ( l x w x h )
Weight :
Item Code : BVS 0083